इंटीग्रेटिव मेडिसिन और होलिस्टिक हीलिंग: पंचकोश मॉडल
एक मॉडल, कई तरीके। हर विशेषज्ञता इंसान के किसी एक स्तर को संभालती है, ताकि देखभाल संतुलित रहे और किसी समस्या को अकेला करके न देखा जाए।

पाँचों स्तर
पंचकोश हीलिंग
इस वेबसाइट की हर बात का आधार यही मॉडल है, जहाँ इंटीग्रेटिव मेडिसिन और होलिस्टिक हीलिंग मिलते हैं।

पाँचों स्तर
इंटीग्रेटिव मेडिसिन
इंटीग्रेटिव मेडिसिन में आधुनिक मेडिकल समझ और प्रमाण पर आधारित पूरक तरीके साथ आते हैं, और केंद्र में पूरा इंसान रहता है।

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शरीर (अन्नमय कोश)
खाना-पीना, हलचल और आराम: वह शरीर जिसे हम देख और महसूस कर सकते हैं।

लाइफस्टाइल मेडिसिन
लाइफस्टाइल मेडिसिन रोज़ की आदतों को (खाना-पीना, एक्सरसाइज़, नींद, स्ट्रेस, रिश्ते और नशे से दूरी) सेहत की बुनियाद मानती है।

फंक्शनल मेडिसिन और न्यूट्रिशन
फंक्शनल मेडिसिन किसी समस्या के पीछे के असली कारण खोजती है (पाचन, पोषण, सूजन, स्ट्रेस, नींद और माहौल), सिर्फ़ बीमारी के नाम पर नहीं रुकती।

होलिस्टिक डाइट और आईवी न्यूट्रिशन
पोषण का पहला रूप खाना ही है।

ओज़ोन थेरेपी
ओज़ोन थेरेपी एक विशेष प्रक्रिया है, जिस पर कुछ चुनिंदा स्थितियों में, सावधानी से जाँच के बाद विचार किया जा सकता है।

नेचुरोपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा
नेचुरोपैथी सरल और सौम्य प्राकृतिक तरीकों से शरीर की उस क्षमता का साथ देती है, जिससे वह खुद संतुलन में लौट आता है।

2
ऊर्जा (प्राणमय कोश)
साँस और प्राण-ऊर्जा: रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऊर्जा कैसे बहती है।

योग, फिज़ियोथेरेपी और एक्सरसाइज़
साँस, पोस्चर और हलचल शरीर को ऊर्जा और नर्वस सिस्टम से जोड़ते हैं।

एनर्जी हीलिंग और रेकी
एनर्जी हीलिंग के तरीके इंसान के सूक्ष्म, ऊर्जा वाले स्तर पर साँस और रिलैक्सेशन के साथ काम करते हैं।

एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर
एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर शरीर की ऊर्जा-रेखाओं के बिंदुओं पर काम करके दर्द कम करने, नींद सुधारने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद करते हैं।

3
मन (मनोमय कोश)
विचार और भावनाएँ: वह मन जो तय करता है कि हम कैसा महसूस करते हैं।

4
समझ (विज्ञानमय कोश)
समझ और विवेक: सेहत के लिए सही फ़ैसले लेना।

आयुर्वेद और हर्बल मेडिसिन
आयुर्वेद प्रकृति, दिनचर्या और आहार की पुरानी, परखी हुई समझ देता है, जिससे इंसान अपनी सेहत के लिए सोच-समझकर फ़ैसले ले पाता है।

लॉन्जेविटी साइंस और बुज़ुर्गों की देखभाल
स्वस्थ बुढ़ापा समझ पर टिका है: सोच-समझकर लिए फ़ैसलों से मांसपेशियाँ, याददाश्त, मूड और आत्मनिर्भरता मज़बूत रखना।

5
भीतरी सुकून (आनंदमय कोश)
जीवन का अर्थ, शांति और खुशी: अपने आप में टिके रहना।


